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कथा कमल - लीलावती भागवत

Description:

इन कथाओं में बाल साहित्य के विविध पहलुओं का दर्शन हुआ है। नन्हे-मुन्ने बच्चों से लेकर किशोरवयीन बच्चों तक सभी का रंजन मनोरंजन ये कथाएँ कर सकेंगी। इनमें प्राणि कथाएँ भी हैं। यथार्थवादी विनोदपूर्ण करुण रस की रचनाएँ भी है।



संपादकीय हमारा भारत एक अखंड राष्ट्र है। उसकी एक विशिष्ट संस्कृति है। विभिन्न भाषाओं, बोलियों और धर्मो के पोषक तत्वों से सम्पन्न वैविध्यपूर्ण इस संस्कृति से परिचित होना हमारे लिए आवश्यक है। इसके लिए साहित्य एक अच्छा साधन है। भारतकी विभिन्न भाषाएँ अपना-अपना रुप साहित्य में प्रतिबिंबित करती हैं। उन भाषाओं का परस्पर परिचय हो, उनका परस्पर अटूट स्नेहसंबंध स्थापित हो, इस उद्देश्य के लिए मराठी बालकुमार साहित्य सम्मेलन का आयोजन किया है। विभिन्न भाषा की कहानियों का एक संग्रह प्रकाशित करना भी इस सम्मेलन का एक अंग था। प्रसन्नता की बात है कि कुछ श्रेष्ठ एवं मशहूर बाल-साहित्यकारों ने मेरे अनुरोध पर अपनी रचनाऐं भेजी, जिनका हिन्दी अनुवाद हम प्रकाशित कर रहे हैं। मैं उन साहित्यकार की बहुत कृतज्ञ हूँ। इन कथाओं में बाल साहित्य के विविध पहलुओं का दर्शन हुआ है। नन्हे-मुन्ने बच्चों से लेकर किशोरवयीन बच्चों तक सभी का रंजन मनोरंजन ये कथाएँ कर सकेंगी। इनमें प्राणि कथाएँ भी हैं। यथार्थवादी विनोदपूर्ण करुण रस की रचनाएँ भी है। कुछ कहानियाँ बच्चों में साहसिक प्रवृत्ति बढाने में समर्थ हैं, तो कुछ उनके मन में सहज भाव से उत्पन्न होनेवाले मनोभावों को व्यक्त करती हैं। कुछ कथा निराशा से आशा की ओर उन्मुख करती हुई प्राकृतिक सौन्दर्य से बच्चों का नाता जोडती हैं। भारतीय भाषाओं की कुछ कहानियाँ निर्धारित समय पर हमारे पास नहीं पहुँच सकी, इसलिए हम इस संग्रह में उनका समावेश नहीं कर पाये हैं। किसी भाषा की उपेक्षा नहीं की गयी है। मराठी बालकुमार साहित्य सम्मेलन संस्था आर्थिक दृष्टि से सम्पन्न नहीं है। साधन-सामग्री अत्यल्प है, फिर भी कार्यकर्ताओं की निष्ठा, जिद और लगन के कारण यह संस्था विकासोन्मुख है। राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत हमारे सदस्य भारतीय भाषा में परस्पर प्रेमभाव बढाने के लिए कृतसंकल्प हैं। हम सभी भारतीय राष्ट्रीय एकता को बढाने के लिए प्रयत्नशील रहेंगे, ऐसा हमारा विश्वास है। - लीला भागवत संपादिका


Format: Adaptive

Publisher: सृजन ड्रीम्स प्रा. लि